Defence Sector पर आया बड़ा अपडेट! ₹32,766 करोड़ का होगा निवेश, शेयरों में दिखेगा जबरदस्त एक्शन, रखें नजर!

Defence Sector : भारत की रक्षा कंपनियों के लिए सोमवार का दिन ऐतिहासिक रहा, जब रक्षा मंत्री ने अत्याधुनिक DPSU भवन का उद्घाटन किया और देश की सभी Defence Companies यानी रक्षा सार्वजनिक उपक्रम कंपनियों (Defence Public Sector Undertakings – DPSUs) की परफॉर्मेंस का गहन रिव्यू किया। इस बैठक में सभी डिफेंस PSU के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (CMDs) मौजूद रहे। रक्षा मंत्री ने R&D, आत्मनिर्भरता और रक्षा निर्यात को लेकर कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।

Defence Sector R&D

रक्षा मंत्री ने इस बैठक के दौरान Defence Companies को तकनीकी नवाचार, रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) और स्वदेशीकरण पर अधिक ध्यान देने का निर्देश दिया। सभी 16 DPSUs ने अब 5 वर्षीय अनुसंधान एवं विकास रोडमैप तैयार किया है। पिछले 10 वर्षों में इन कंपनियों ने ₹30,952 करोड़ का निवेश किया था, जबकि अगले 5 वर्षों में ₹32,766 करोड़ निवेश का प्रस्ताव है। यानी भारत की Defence Companies अब दोगुनी गति से नवाचार पर काम करेंगी।

पहले जहां HAL, BEL और BDL जैसी कंपनियां ही R&D में अग्रणी थीं, वहीं अब सभी DPSUs इस दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही हैं। यह भारत को रक्षा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

DPSUs

ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड के निगमकरण के बाद बनी सात नई Defence Companies ने भी रिसर्च में बड़ी प्रतिबद्धता दिखाई है। इन नई DPSUs ने ₹3,000 करोड़ से अधिक निवेश का ऐलान किया है। इसके अलावा, देश के रक्षा शिपयार्ड्स ने भी अपने R&D प्रोजेक्ट्स के लिए ₹1,300 करोड़ निवेश की योजना बनाई है, जिससे नौसैनिक रक्षा क्षमता में बड़ा सुधार होगा।

मिनीरत्न का सम्मान

कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री ने कई नई पहलें लॉन्च कीं। HAL की नई R&D मैनुअल जारी की गई, जो प्रोजेक्ट निष्पादन में गति और लचीलापन लाएगी। साथ ही, “SWAYAM – सतत एवं हरित रक्षा निर्माण” पहल की शुरुआत की गई, जो रक्षा उत्पादन में ग्रीन टेक्नोलॉजी और पर्यावरण-संवेदनशील समाधान को बढ़ावा देगी।

इसके साथ ही MIL, AVNL, IOL और HSL को मिनीरत्न (श्रेणी-I) का दर्जा मिलने पर सम्मानित किया गया। रक्षा मंत्री ने IOL और BEL को 100% ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन हासिल करने पर सराहना दी।

Year of Reforms

रक्षा मंत्रालय ने 2025 को ‘Year of Reforms’ घोषित किया है। इस वर्ष में नवाचार, स्वदेशीकरण और रक्षा निर्यात पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। रक्षा मंत्री ने कहा कि Defence Companies को न सिर्फ R&D निवेश बढ़ाना चाहिए बल्कि नई प्रतिभाओं को भी जोड़ना चाहिए ताकि भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और सशक्त बने।

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DPSUs का शानदार प्रदर्शन

वित्त वर्ष 2024-25 में भारत की Defence Companies ने जबरदस्त प्रदर्शन किया है। इन कंपनियों का कुल टर्नओवर ₹1.08 लाख करोड़ तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष से 15.4% अधिक है। करोत्तर लाभ (PAT) में भी 19.5% की वृद्धि हुई और यह ₹20,021 करोड़ दर्ज किया गया।

सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि Defence Companies के निर्यात में 51% की वृद्धि हुई। इससे भारत की वैश्विक रक्षा उद्योग में उपस्थिति और अधिक मजबूत हुई है।

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निष्कर्ष

भारत की Defence Companies अब आत्मनिर्भरता, नवाचार और ग्रीन एनर्जी की दिशा में निर्णायक कदम उठा रही हैं। बढ़ता R&D निवेश, मजबूत निर्यात प्रदर्शन और सुधारों पर फोकस यह दिखाता है कि आने वाले वर्षों में भारत न केवल रक्षा उपकरणों में आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि रक्षा निर्यात में भी वैश्विक शक्ति के रूप में उभरेगा।

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